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ईर्ष्या से आगे बढ़ने का विचार कभी सुखद नहीं होता-ः ललित गर्ग

यह बड़ा सत्य है कि स्वार्थी एवं संकीर्ण समाज कभी सुखी नहीं बन सकता। इसलिए दूसरों…

मेरी नजर में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर व उनका सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक विचार

अपने पिता राम जी की चौदहवीं संतान डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में…

आज के समय में शकल के साथ अकल और खूबसूरती के साथ स्मार्टनेस होना बेहद जरूरी

हर युग में खूबसूरती के रंग व रूप बदलते आए हैं। पहले जहां औरतों के घूंघट…

युवाओं के लिए कहर बन रहा है फैशन का असर

कुछ साल पहले जब लो वेस्ट जींस का नया-नया फैशन आया था, तो सपना रोज रोज…

हिन्दुओं के त्यौहारों को ही अशांत एवं हिंसक क्यों किया जाता

रामनवमी पर निकाली गई शोभा यात्राओं के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में हिंसा की जो…

हेट स्पीच पर न्यायालय की सख्ती

राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक ताने-बाने को ध्वस्त कर रहे जहरीले भाषणों की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती…

प्रखर राष्ट्रवादी कवि शिरोमणी: पंडित माखनलाल चतुर्वेदी

एक लेखक या कवि, बड़ा या महान कैसे होता है? इसके साथ ही अहम सवाल यह…

क्या सचमुच सात जन्मों का बंधन है- शादी?

ऐसा कहा जाता है कि शादियां आसमां में बनती है और उनका मिलन धरती पर होता…

धर्म एवं राजनीति का घालमेल घातक है

धर्म और राजनीति के घालमेल से समाज एवं राष्ट्र में उन्माद, अराजकता एवं अशांति पैदा हो…

दक्षिण में हिन्दी-विद्वेष की राजनीति कब तक?

दक्षिण भारत में हिन्दी का विरोध करके राजनीति चमकाने की कुचेष्टाएं होती रही हैं। वहां राजनीतिज्ञ…

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