विश्व आदिवासी दिवस, 9 अगस्त, केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह सभ्यता की जड़ों और…
Tag: ललित गर्ग
रक्षाबंधन: नारी रक्षा का संकल्प, एक सामाजिक चेतना
भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और त्योहारों की भूमि पर रक्षाबंधन एक ऐसा पर्व है जो केवल…
टैरिफ दादागिरी के बीच ‘स्वदेशी’ एक जनक्रांति बने
वाराणसी में अपने लोकसभा क्षेत्र से एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों का आह्वान…
चुनाव आयोग पर वारः लोकतंत्र के लिये खतरे की घंटी
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और इस लोकतंत्र की बुनियाद जिन संस्थाओं पर टिकी…
मित्रताः रिश्तों की आत्मा और संवेदना की जीवंत सरिता
मित्रता वह रिश्ता है, जो न रक्त से बंधा होता है, न किसी सामाजिक अनुबंध से,…
मालेगांव विस्फोट एवं भगवा पर कलंक की साजिश
29 सितंबर 2008 को मालेगांव में हुए बम विस्फोट की न्यायिक परिणति ने एक बार फिर…
टैरिफ आर्थिक युद्ध नहीं, आत्मनिर्भर शांति का रास्ता बने
जब किसी वैश्विक ताक़त के शिखर पर बैठा नेता ‘व्यापार’ को भी ‘सौदेबाज़ी’ और ‘दबाव नीति’…
एआई का विस्तार या नौकरी का संकुचनः बड़ी चुनौती
भारत जैसे युवाओं वाले और उभरती अर्थव्यवस्था वाले देश में तकनीकी विकास के प्रति उत्साह हमेशा…
मनसा का मातमः अफवाह बनी त्रासदी की वजह
हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में बिजली का तार टूटने और करंट फैलने की एक…
प्रकृति पुकार रही हैः अब संरक्षण नहीं, सहभागिता चाहिए
हर वर्ष 28 जुलाई को मनाया जाने वाला विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें प्रकृति, पर्यावरण एवं…