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घोषणा-पत्रः लोकतंत्र का सशक्त हथियार या चुनावी छलावा?

बिहार विधानसभा चुनाव में दोनों ही गठबंधनों ने बढ़-चढ़कर लोकलुभावनी और जनता को आकर्षित या गुमराह…

जानलेवा प्रदूषण, सरकारों की शर्मनाक नाकामी

भारत की वायु में जहर घुल चुका है। हाल ही में चिकित्सा जनरल में प्रकाशित एक…

‘रेवड़ी संस्कृति’ : लोकतंत्र का आधार या प्रलोभन की डगर?

बिहार की राजनीति एक बार फिर चुनावी रंग में रंग चुकी है। हर चुनावी सभा में,…

शहर जहां सौन्दर्य, संभावनाएं एवं संवेदनाएं बिछी

विश्व शहर दिवस हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य शहरीकरण में अंतर्राष्ट्रीय…

एसआईआर की सार्थक पहल का विरोध नहीं, स्वागत हो

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्र…

नया सैन्य गठजोड़ भारत के लिये चुनौती

हाल ही में पाकिस्तान समेत संयुक्त अरब अमीरात, कतर और अज़रबैजान के बीच बन रहे सैन्य…

बिहार में तेजस्वी के नाम पर मुहर मजबूरी भरी स्वीकृति

बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान की तिथियां जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, चुनाव के सतरंगी…

हवा को जहर बनाता दिल्ली का आत्मघाती प्रदूषण

दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण एक बार फिर दुनिया की नजरों में भारत की राजधानी को शर्मसार…

बिहार चुनावः मुद्दों एवं मूल्यों से दूर भागती राजनीति

बिहार में चुनावी रणभेरी बज चुकी है। हर दल अपने-अपने घोषणापत्र, नारों और वादों के साथ…

अमित शाह हैं संकटमोचन, संगठनशिल्पी और लौहपुरुष

भारत की राजनीति में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो केवल पदों से नहीं, अपने कर्म,…

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