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विदेशी चंदे पर नियंत्रण और संतुलन की अपेक्षा

12 अगस्त 2026 का दिन भारतीय संसद के लिए इसलिए महत्वपूर्ण रहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन)…

अंगदान की संस्कृति ही मानवता को नई दिशा दे सकती है

मनुष्य जीवनभर अपने लिए बहुत कुछ अर्जित करता है-धन, संपत्ति, प्रतिष्ठा, संबंध और सुविधाएँ। लेकिन जीवन…

भागवत की नजरों में जेन-जी आंदोलन का दृष्टिकोण

जंतर-मंतर से उठी हाल की युवा आवाजों ने भारतीय लोकतंत्र के सामने कई नए प्रश्न खड़े…

भारत की आत्मा एवं प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी

विश्व आदिवासी दिवस केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजनभर नहीं है, बल्कि यह उस मूल चेतना का अभिनंदन…

ढाका की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों की नई परीक्षा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा दिसंबर 2026 में स्वदेश लौटने की घोषणा केवल एक…

संसदीय-गतिरोध से नहीं चलेगा लोकतंत्र, संवाद ही है समाधान

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद है। यही वह सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है जहां…

राज्यपाल गुरमीत सिंह के करकमलों से प्रख्यात लेखक ललित गर्ग की पुस्तक ‘निर्गुण चदरिया’ का हुआ लोकार्पण

देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरा पर देहरादून स्थित लोक भवन में महावीरायतन फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी…

शिक्षा  से  जुड़ी जान जोखिम में डालने वाली चिन्ताजनक मजबूरियां

भारत आज विकसित राष्ट्र बनने, विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने और 2047 तक ‘विकसित…

महाराष्ट्र सरकार की सराहनीय पहल : उन्नत बचपन की पहली शर्त-स्वस्थ भोजन, स्वस्थ भविष्य

विकसित भारत का स्वप्न केवल आधुनिक इमारतों, तेज अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक और विश्वस्तरीय आधारभूत…

पीओके की पुकार और दुनिया की जिम्मेदारी

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में इन दिनों जो परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं, वे केवल एक…

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