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कैसे रहे गर्मियों में हमेशा तरोताजा ?

 गर्मियों

गर्मियों का मौसम हमारे लिए लंबी, गर्म, कड़ी धूप भरे दिन, गर्मियों की छुट्टियां और विभिन्न प्रकार के फल व सब्जियां जो कि जलती तपती धूप से लडने में हमारी मदद करती हैं। अत्यधिक पसीने या उद्यम वाले व्यायाम करना विशेषकर गर्मियों के उच्च तापमान के कारण शरीर से तरल पदार्थ की कमी हो जाती है जैसी समस्याएं अपने साथ लाती है। जब हमारा शरीर पानी एकत्रित नहीं कर पाता, व्यक्ति इस समस्या से निकलने के लिए बहुत सारा पानी पीता हैं। पानी पीने का मतलब हो सकता है 6-9 गिलास से दुगना पानी पीना। हो सके तो 2 लीटर के करीब पानी पीए इससे अत्यधिक गर्मी की कमी कम हो सकती है।

यह भी कहा जाता है कि जल ही जीवन है। यह हमारें लिए कितना पानी पीना महत्वपूर्ण है? अपर्याप्त पानी पीने से हाईपरफिल्ट्रेशन की समस्या जिस में गुर्दे नष्ट हो जाते है और गुुर्दे की पथरी पनप सकती है। सामान्य गुर्दे की क्रियाओं को संचालित करने के लिए पर्याप्त पानी की मात्रा प्रति दिन 6 से 8 गिलास प्रमाणित की जाती है। लोग जिन्हें अत्यधिक प्यास लगती है, वह सामान्य लोग की तुलना में अत्यधिक पानी पीते है। पानी के अतिरिक्त कुछ स्वस्थपूर्वक पेय पदार्थ जैसे ठंडा सूप, फलों का रस और जूस भी बहुत लाभवर्द्घक पदार्थ माने जाते है। गर्मियों के दौरान जो पेयपदार्थ उपभोग किए जाते हैं उन में निम्रलिखित शामिल है।

ठंडे सूप: गैजपैचो और कुकुम्बरपेय पदार्थ, लस्सी, आम रस, सत्तू, चन्ना, जल-जीरा, बदाम ठंडाई, नींबू पानी, अदरक का रस, बर्फ वाली चाय, नारियल पानी। शरबत और जूस, जामून, फालसे का शरबत, अंजीर रस, गुलाब का शरबत और कोकुम(दक्षिण भारतीय जूस जो इमली से बनता है), फलों का रस, अंजीर जूस, संतरे का रस, मिश्रित फलों का रस, अनार रस आदि।
मिल्क शेक और योगहर्ट ड्रिंक्स सोया मिल्क शेक, दही, बटर मिल्क। पानी की कमी को ठीक करने के लिए फलों और सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में जरूरी सभी प्रकार के पौष्टिक विटामिन और मिनरल एंटिऑक्सिडेंट तत्वों से भरपूर होते हैं। लगभग 85 प्रतिशत फल व सब्जियां पानी से भरपूर होती है। गर्मियों के कुछ फल व सब्जियां जो कि गर्मियों के दौरान मरकरी के बढ़ते स्तर पर काबू पाने में मदद करती हैं वह निम्र हैं।

तरबूज में उच्च पानी तत्व लगभग 90 प्रतिशत और चीनी की लगभग 8 प्रतिशत की मात्रा होने के कारण यह गर्मियों के लिए एक आदर्श फल माना जाता है। इसके अतिरिक्त तरबूज उस बीमारी जो पौष्टिक तत्वों को बचाती है का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है, विटामिन सी और पोटैशियम जो कि पानी के संतुलन को व्यवस्थित करते हैं में भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। खीरा, ककड़ी भी गर्मियों में ताजगी प्रदान करने के लिए भी बहुत अच्छी सब्जी है क्यों कि इस में भी पानी की अत्यधिक मात्रा होती है। खट्टे रस वाले फल जैसे संतरा, नींबू, अंगूर, अमरूद विटामिन सी के एक अच्छे स्रोत होते हैं। जामुन, फालसे, शहतूत में रंजनक पदार्थ होते हैं जो कि आपस में संबंधित कोशिकाओं और सूजन को कम करने में प्रभावकारी ढंग से लाभदायक होते हैं। बेरी भी रेशों, पोटैशियम और विटामिन सी का एक बहुत अच्छा स्रोत है। सभी फल और सब्जियां स्वस्थपूर्ण होती हैं लेकिन अभी तक हर कोई तभी लाभदायक होती है यदि इन्हें सही मात्रा में सही समय पर ग्रहण किया जाएं अर्थात इन्हें मौसम की उपलब्धता के अनुसार खाया जाएं।

कोशिकाओं की बेहतर क्रिया और जीने के लिए सही मात्रा में हमारें द्वारा पोटैशियम, सोडियम और क्लोराइड तीन मुख्य वैद्युतिक तत्वों (मिनरल जो शरीर में प्रस्तुत होते हैं)की जरूरत होती हैं। इन सभी वैद्युतिक तत्वों का संतुलन बहुत कोमल हैं और यदि इससे वितरित किया जाएं तो यह घातक साबित हो सकता है इस लिए व्यक्ति को विशेषकर गर्मियों के दौरान इस की सही मात्रा में सेवन करना चाहिए।

विभिन्न भोज्य पदार्थ जो कि पोटैशियम की मात्रा में बहुत बेहतर है वह निम्र है-

  • सूखे मेवे, मुनक्का, बेर, खूबानी, खजूर।
  • ताजे फल केला, सट्रोबेरी, तरबूज, संतरा, खरबूजा।
  • ताजी सब्जियां, हरा साग, पालक, मटर, टमाटर, मशरूम।
  • सूखी सब्जियां, बींस, मटर।
  • ताजा मीट, मछली, मुर्गी।
  • ताजा रस, संतरा।

पसीने की कमी के कारण गर्मियों में सोडियम की अत्यधिक जरूरत होती है। पाचन क्षमता को ठीक करने और सोडियम की कमी को दूर करने के लिए नमक वाला पानी, काला नमक, चाट मसाले का सेवन करने से इस में मदद मिल सकती है। क्योंकि सोडियम की कमी के कारण शरीर में ऊर्जा की कर्मी और यहां तक कि तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
शरीर में तरल पदार्थ को संतुलित बनाएं रखने के लिए क्लोराइड भी महत्वपूर्ण होता है और शरीर की कोशिकाओं का बेहतरीन क्रियापूर्ण बनाने के लिए भी। यद्यपि कुछ फल और सब्जियां प्राकृतिक रूप से ही क्लोराइड से भरपूर होती है। इसी तरह अधिकतर क्लोराइड नमक से प्राप्त होता है।


गर्मियों में किस प्रकार का भोजन का सेवन करना चाहिए ?

अधिक मात्रा में तेज मसालेदार भोजन, लहसुन और अदरक, काली मिर्च और लाल मिर्च, वसा रहित मीट और तेल में तला खाना, अत्यधिक चॉकलेट, शराब का अधिक सेवन, कोला और कॉफी (कैफिन और कार्बोरेशन दोनों का मिश्रण) और ऑइली, ग्रेवी वसा वाली सब्जियां बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इन सबसे विशेषकर गर्मियों के दौरान जैसे कि इस मौसम में खाने से संबंधित उत्पन्न होने वाली बीमारियों की आए दिन घटना घटती रहती है। यह माइक्रोबिअल वृद्धि विशेषकर गर्मी के तापमान के कारण कीटाणुओं में वृद्धि के कारण उत्पन्न होते हैं। इस लिए इन सबसे दूर रहना चाहिए और भरपूर मात्रा में ताजे फलों व सब्जियों का सेवन, प्रतिदिन 6 से 8 गिलास पानी पीएं व इन सब उपायों के साथ बिताएं हसंते खिल-खिलाते गर्मियों का सुहावना मौसम।

सोनी राय
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