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दिव्यांगजनों का कल्याण सरकार की पहली प्राथमिकता है: अवनीश अवस्थी

वाराणसी : राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान सिकंदराबाद, बौद्धिक दिव्यांगजनों के अभिभावकों के संगठनों के राष्ट्रीय महासंघ परिवार एवं वाराणसी की बौद्धिक दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं  के संयुक्त तत्वावधान में क्षेत्रीय अभिभावक प्रशिक्षण कार्यशाला काशी हिन्दू विश्वविध्यालय के प्रो के.एन. उडुपा ऑडिटोरियम में दूसरे दिन के सत्र अतिथियों व्दारा दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का प्रत्येक दिव्यांग को लाभ मिलना आवश्यक है दिव्यांगजनों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। दिव्यांगजनों को अवसर मिले तो वे सामान्यजनों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं इसका उदाहरण पैरा ओलंपिक मे हमारे दिव्यांग खिलाड़ियों ने प्रस्तुत किया है दिव्यांग बच्चों के दिव्यांगता के स्तर के अनुसार प्रबंधन करना चाहिए, दिव्यांगता सर्टिफिकेट बनाने में आ रही दिक्कतों को प्राथमिकता से दूर किया जाएगा। डॉ कमलेश पांडेय पूर्व आयुक्त दिव्यांगजन भारत सरकार, निपिड सिकंदराबाद के निदेशक बी वी राजकुमार, परिवार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ पंकज मारू, डॉ तुलसी, माधवी गुप्ता, कमांडर श्रीरंग बिजुर, डॉ उत्तम ओझा ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ अजय तिवारी, डॉ मनोज तिवारी, डॉ सरवन रेड्डी, नमिता सिंह, चंद्रकला रावत, कमलेश कुमार, राधा सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया।

कार्यशाला में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 पर लिखी गई जागरूकता पुस्तिका का विमोचन किया गया कार्यक्रम के अंतिम सत्र में अभिभावकों ने प्रश्न के माध्यम से विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करके उनका समाधान प्राप्त किया। अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा किया तथा अनेक महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन सुदीप गोयल तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ पंकज मारू द्वारा किया गया।

डॉ मनोज तिवारी

मीडिया प्रभारी

कार्यशाला आयोजन समिति वाराणसी

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