NEW English Version

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रमानाथ खैरा की काव्यकृति ‘प्रवासिता प्रिया’ का भव्य विमोचन

श्री राम को अहंकार का ज्ञान था और रावण को ज्ञान का अहंकार : नितिन गडकरी

नई दिल्ली:  बुंदेलखंड के ललितपुर से आजादी की लड़ाई के क्रांति की अलख जलाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व ललितपुर उत्तर प्रदेश से विधायक रहे स्व. रमानाथ खैरा सुप्रसिद्ध एडवोकेट (जिन्होंने उत्तर प्रदेश के सभी क्रांतिकारियों के मुकदमे और उनकी परवी निशुल्क की थी) की प्रसिद्ध काव्यकृति प्रवासिता प्रिया का केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकार्पण किया।

इस अवसर पर श्री गडकरी ने कहा कि यह पुस्तक बहुत ही मार्मिक तथा प्रेरणादाई है माता जानकी का चरित्र का वर्णन प्रेम और करुणा तथा कर्तव्य परायणता और नारी धर्म के उच्च आयामों को स्थापित करने और लोगों को जीवन में ग्रहण करने के योग्य प्रसंग है, उन्होंने कहा की पुस्तकों की मांग कम जरूर हुई है लेकिन पढ़ने वालों की संख्या बड़ी है क्योंकि अब लोग मोबाइल पर गूगल के माध्यम से पुस्तकों का अध्ययन कर रहे हैं इस पुस्तक को भी सोशल मीडिया के द्वारा करोड़ों लोगों तक पहुंचा जा सकता है क्योंकि आजवर्तमान समय में सोशल मीडिया का तेजी से विस्तार हुआ है, उन्होंने स्वयं यूट्यूब की तारीफ करते हुए कहा कि आज हमारे भी दुनिया में कई करोड़ फॉलोअर्स हैं और यूट्यूब ने हमको सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र भी दिया है। भावुक होते हुए श्री गडकरी ने कहा कि जीवन में ऊंचाइयां प्राप्त करना और चरित्र निर्माण की भगवान राम के चरित्र से ही सीखा जा सकता है और वह सभी का मार्गदर्शन करते हैं उन्होंने इस बात को गंभीरता से आगे बढ़ते हुए कहा कि एक लाइन में इस बात को समझा जा सकता है कि “रावण को ज्ञान का अहंकार था” और” श्रीराम को अहंकार का ज्ञान था इसी में जीवन की सारी गूढ़ गहराई व सच्चाई छिपी हुई है।

जो इसे समझ सके तो उसका भी जीवन बदल सकता है। कार्यक्रम के शुभारंभ में क्रांतिकारी रमा नाथ खैर के विद्वान पुत्र डा विजय खैरा ने पुस्तक की भूमिका में कुछ पंक्तियों का उल्लेख करते हुए पुस्तक की गहराई और नारी शक्ति के वास्तविक चित्रण को परिभाषित करते हुए कहा कि है पुस्तक पढ़ते पढ़ते लोगों को स्वयं करुणा में डूबना पड़ेगा ऐसा भाव इस पुस्तक में व्यक्त किया गया है, साथी डॉक्टर खैराने श्री गडकरी जी के साथ अपने पुराने संबंधों और कांग्रेस को छोड़ कर भाजपा में प्रवेश की विस्तृत जानकारी उजागर करते हुए कहा कि गडकरी जी का चुंबकीय व्यक्तित्व ही सभी को आकर्षित करता है और आज उनके दुनिया में कोई भी विरोध करने वाले लोग उनके इसी व्यक्तित्व के कारण नहीं है। और सभी उनकी प्रशंसा करते हो चाहे वह सत्ता पक्ष के लोग हो या विपक्ष के ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं पूर्व न्यायाधीश इलाहाबाद हाईकोर्ट श्री प्रदीप सिंह बघेल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमको इस अवसर पर पर आपने “प्रवासिता प्रिया ‘कृति कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए चुनाव उसके लिए मैं धन्य हूं, गडकरी जी का व्यक्तित्व सारे देश में अनुकरणीय बन चुका है तथा उनके किए हुए कार्यों से देश को लोग खुश हैं, आज कुंभ में पहुंचने वाली संख्या में जो वहां जिस तेजी के साथ वहां जा रहे हैं उसमें भी यह गडकरी जी का विशेष योगदान रहा है क्योंकि देश की सड़कें इतनी अच्छी हो गई है कि लाखों लोग अब निश्चित भाव से यात्राएं कर रहे हैं और इससे देश की अर्थव्यवस्था विकसित होने पर भी अच्छा असर पड़ा है। स्वर्गीय रमा नाथ खैर की।

इससे पूर्व रामचरितामृत व जीवन मृत्यु कालचक्र ग्रंथ प्रकाशित हो चुके हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रमानाथ खैरा ने ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध आवाज बुलंद की, जिसकी वजह से उन्हें झांसी व लोहागढ़ जेलों में काल कोठरियों में रखा गया। देश को आजादी मिलने के पश्चात वह 1952 में ललितपुर विधानसभा से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से तथा 1957 में वह निर्दलीय चुनाव जीत कर अपनी लोकप्रियता का झंडा गाड़ने वाले विधायक रहे।

पुस्तक के लोकार्पण के दौरान अरविंद कुमार गुप्ता अध्यक्ष भारत माता मन्दिर, विनय खरे महामंत्री बुंदेलखंड विकास परिषद, नरेंद्र कुमार वर्मा डायमंड पॉकेट बुक्स आदि उपस्थित रहे। पुस्तक के प्रकाशक एन के वर्मा एवं अन्य गणमान्य लोगों ने श्री गडकरी को पुष्प गुच्छ एवं अन्य प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। अंत में रमानाथ खैरा मेमोरियल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. विजय खैरा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Translate »