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राष्ट्रपति ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान किए

स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम आ गए हैं! राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान किए। केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल और आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू की उपस्थिति में 23 सुपर स्वच्छ लीग शहरों को पुरस्कृत किया गया। अहमदाबाद, भोपाल और लखनऊ भारत के नए शीर्ष स्वच्छ शहरों के रूप में उभरे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के पुरस्कारों में महाकुंभ को विशेष मान्यता सहित 43 राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा की गई।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार समारोह में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रयागराज को सर्वश्रेष्ठ गंगा शहर का पुरस्कार प्रदान किया, जबकि सिकंदराबाद छावनी को उसके स्वच्छता प्रयासों के लिए सर्वश्रेष्ठ छावनी बोर्ड के रूप में सम्मानित किया गया। ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (जीवीएमसी), विशाखापत्तनम, जबलपुर और गोरखपुर को सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा और गरिमा प्रदान करने की उत्कृष्ट प्रतिबद्धता के लिए सर्वश्रेष्ठ सफाई मित्र सुरक्षित शहर घोषित किया गया। अनुमानित 66 करोड़ लोगों के भाग लेने वाले विश्व के सबसे बड़े महाकुंभ के दौरान बेहतरीन शहरी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार, प्रयागराज मेला अधिकारी और प्रयागराज नगर निगम को विशेष पुरस्कार दिये गये।

इस वर्ष के स्वच्छ सर्वेक्षण में बड़े शहरी ढांचे को परिष्कृत और सुव्यवस्थित करने के साथ ही छोटे शहरों के लिए भी सरल मानक बनाया गया, जिससे वे प्रतिस्पर्धा और बेहतर स्वच्छता के लिए प्रोत्साहित हुए। सर्वेक्षण में छोटे शहरों को भी बड़े शहरों के साथ समान अवसर मिले। ‘एक शहर, एक पुरस्कार’ सिद्धांत के अनुसार, प्रत्येक राज्य के शीर्ष प्रदर्शक शहरों को भविष्य में बेहतर स्वच्छता प्रदर्शन करने की संभावना वाले शहर की मान्यता दी गई। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 34 शहरों ने शहरी स्वच्छता और स्वच्छता उत्कृष्टता में अपनी उल्लेखनीय प्रगति के साथ यह सम्मान हासिल किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने “कम उपयोग करें, पुनः उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें” (रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकल – 3 आर) दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के मंत्रालय के रुख की सराहना की और उन्हें भेंट किए गए अपशिष्ट से धन स्मृति चिन्ह की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट सर्वोत्तम है, यही मंत्र है और यह अर्थव्यवस्था में चक्रीयता को शक्ति देता है। उन्होंने युवाओं को सशक्त बनाने, हरित रोजगार उत्पन्न करने और उद्यमशीलता के अवसर सृजित करने तथा स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) को शामिल करने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह देखकर प्रसन्नता हुई है कि शहरों ने हमारे स्वभाव और संस्कार के हिस्से के रूप में चक्रीय अर्थव्यवस्था और स्वच्छता के सिद्धांतों को अपनाया है। राष्ट्रपति ने स्वच्छता के उत्कृष्ट मानक स्थापित करने वाले एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्कूलों के स्वच्छता संस्कार, कचरे के स्रोत पृथक्करण स्टार्टअप पहल, शून्य अपशिष्ट कॉलोनियां स्वच्छ भारत के संकल्प को मजबूत बना रही हैं।

स्वच्छ शहर साझेदारी पहल का शुभारंभ करते हुए, केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने पूर्ण स्वच्छता वाले शहरों को अन्य शहरों को भी स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मानकों में सभी 78 शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शहर, सभी जनसंख्या श्रेणियों में, संबंधित राज्यों के एक-एक निम्न प्रदर्शन करने वाले शहर को अपनाएंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता सबको साथ लेकर चलने की है। उन्होंने कहा कि “हर एक, स्वच्छ एक शहर” के मंत्र का पालन करते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण विजेता शहर दूसरों का मार्गदर्शन करेंगे और उन्हें साथ लेकर उनका नेतृत्व करेंगे, क्योंकि अब समय आ गया है कि निम्न प्रदर्शन करने वाले शहरों को शीर्ष पर लाया जाए। तेजी से कूड़ाघर सफाई (त्वरित डंपसाइट उपचार) कार्यक्रम की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 15 अगस्त, 2025 से आरंभ होने वाला एक वर्षीय यह विशेष कार्यक्रम पुराने अपशिष्टों के तेजी से निपटान करने और व्यापक शहरी क्षेत्र को कचरा मुक्त बनाने में सहायक होगा, साथ ही इससे वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रसंस्करण क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा।

आवासन और शहरी मामले सचिव श्री श्रीनिवास कटिकिथला ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में स्वच्छ भारत मिशन की परिवर्तनकारी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और सफाई अब नागरिक जीवन के केंद्र में आ गया है और यह लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनकर उनके स्वभाव और संस्कार में गहराई से शामिल हो गया है। श्री कटिकिथला ने स्वच्छ सर्वेक्षण को शक्तिशाली प्रतिस्पर्धी उपाय बताया, जिसने शहरों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि इसके 10 नए मानक और पांच अलग-अलग जनसंख्या श्रेणियों के पुनर्निर्मित ढांचे से छोटे शहर भी बड़े शहरों के साथ समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हुए हैं, जिससे समावेशी और व्यापक प्रगति को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के 10 सफल वर्ष पूरे होने के बाद अब हमें अगले दशक के लिए योजना बनाने के साथ ही 2047 तक विकसित भारत की भविष्य योजना निर्धारित करने की भी आवश्यकता है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रपति को सम्मान स्वरूप एक सुंदर सारंगी भेंट की। यह स्मृति चिन्ह ‘अपशिष्ट से धन’ की भावना का प्रतीक है, जिसमें बेकार पड़ी सामग्रियों को सार्थक, कलात्मक कृतियों में परिवर्तित किया जाता है – जो शिल्प कौशल के साथ ही स्थायित्व का सम्मिश्रण होता है।

इस अवसर पर स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के परिणाम डैशबोर्ड को डिजिटल प्रारूप में जारी किया गया, जिसमें रैंकिंग और उपलब्धियों का प्रस्तुत किया गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 की मुख्य विशेषताओं और सुपर स्वच्छ लीग शहरों की उपलब्धियों को आकर्षक ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसमें राष्ट्रव्यापी स्वच्छता आंदोलन की भावना और व्यापकता को दर्शाया गया।

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