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राजस्थान के 3 गाँवों के सरपंचों को लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में किया गया आमंत्रित

जब देश 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, भारत सरकार ग्रामीण भारत में बदलाव लाने वाले जमीनी स्तर के प्रमुखों को सम्मानित करने की अपनी परंपरा को जारी रख रही है। राजस्थान के लिए यह गर्व का पल है कि राज्य के 3 गाँवों के सरपंचों को नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह देखने के लिए विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

ये सरपंच उन शीर्ष प्रदर्शन करने वाले ग्राम पंचायतों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (एसबीएम-जी) के तहत ओडीएफ प्लस घोषित किया गया है और जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया गया है। इनके गांव न केवल स्वच्छता और सुरक्षित जल की उपलब्धता के मॉडल हैं, बल्कि सामुदायिक नेतृत्व, महिला नेतृत्व और पर्यावरणीय रूप से सतत विकास की सफलता को भी दर्शाते हैं।

इस साल 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 85 सरपंचों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह ग्रामीण बदलाव और समुदाय की भलाई में उनकी अहम भूमिका को सम्मान देने का एक बड़ा कदम है।

इनमें श्रीमती कुसुम सिंह भी शामिल हैं, जो भरतपुर जिले के डीग ब्लॉक के रारह ग्राम पंचायत की चुनी हुई सरपंच हैं। एम.एससी. नर्सिंग की पोस्ट ग्रेजुएट श्रीमती सिंह ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और गहरी सामाजिक भागीदारी को एक साथ जोड़ा है। उनके नेतृत्व ने आधुनिक ग्रामीण शासन की नई परिभाषा बनाई है। उनकी दूरदृष्टि में रारह, राजस्थान की पहली डिजिटल सुविधा युक्त ग्राम पंचायत बनी, ब्लॉक की पहली ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायत बनी और जिले की भी पहली ओडीएफ प्लस ग्राम पंचायत बनी।

उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत लर्निंग सेंटर, सीसीटीवी सर्विलांस, सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर और पहली ग्रामीण एस्ट्रो लैब के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है, जिससे गाँव के बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जागी है। जल जीवन मिशन के तहत अब सभी गाँवों के हर घर में नल से पानी की सुनिश्चित आपूर्ति है। आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी समावेशन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने पंचायत को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया है, जिसमें यूनिसेफ से मिली सराहना भी शामिल है।

एक और उत्कृष्ट मुखिया श्रीमती गीता देवी मोहनराम पटेल हैं, जो 32 वर्ष की उम्र में जोधपुर जिले की चाली ग्राम पंचायत की सरपंच हैं। फैशन डिजाइन में बी.एससी. की डिग्री के साथ, वे शासन में रचनात्मकता और युवाओं जैसी ऊर्जा लाती हैं, जो रणनीतिक होने के साथ-साथ संवेदनशील भी है। उनके नेतृत्व में चाली में उल्लेखनीय बदलाव आया है।

गंभीर जल संकट का सामना करते हुए, उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत 3 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछवाकर हर घर तक साफ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की। उनकी पंचायत स्वच्छता और सतत विकास का एक आदर्श उदाहरण है, जहाँ सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है, घर-घर कचरा संग्रह की व्यवस्था की गई है और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया गया है। उनके नेतृत्व में सामुदायिक शौचालय, सोक पिट, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, ओपन जिम, डिजिटल लाइब्रेरी और सुन्दर पंचायत भवन का निर्माण हुआ है, जिससे गाँव में जीवन की गुणवत्ता और गरिमा में वृद्धि हुई है।

श्रीमती गीता देवी की दूरदृष्टि और इनोवेटिव सोच ने चाली ग्राम पंचायत को कई पुरस्कार दिलाए हैं, जिनमें स्वच्छ भारत ग्रामीण जिला स्वच्छता पुरस्कार (2024) और राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर मिला जिला स्वच्छता पुरस्कार (2025) सहित कई सम्मान शामिल हैं। उनका नेतृत्व यह साबित करता है कि जमीनी स्तर पर स्थायी बदलाव लाने और प्रेरित करने में उम्र कोई बाधा नहीं है।

आमंत्रित लोगों में श्रीमती रेखा बाई भी शामिल हैं, जो कोटा जिले के सुल्तानपुर ब्लॉक के गादेपन गाँव की 39 वर्षीय सरपंच हैं। वे स्वच्छता अभियानों को आगे बढ़ा रही हैं, जिसमें स्वच्छता ढाँचे, सड़क लाइट और जल संरक्षण पर खास ध्यान है। स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024 में उन्हें सम्मानित किया गया है। उन्होंने मनरेगा का उपयोग करते हुए ग्रामीण विकास के कई कार्यों का नेतृत्व किया है, जिनमें आंगनवाड़ी केंद्र से लेकर स्वास्थ्य और खेलकूद की सुविधाओं का विकास शामिल है। 

इन विशिष्ट प्रमुखों की लाल किले पर उपस्थिति सामुदायिक नेतृत्व वाले ग्रामीण परिवर्तन की राष्ट्रीय मान्यता को दर्शाती है, जहां स्वच्छ पानी, सुरक्षित स्वच्छता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चलते हैं। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण और जल जीवन मिशन के तहत उनकी उपलब्धियां दिखाती हैं कि गांव गरिमा और नवाचार के साथ नेतृत्व कर सकते हैं।

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में, पेयजल और स्वच्छता विभाग, संस्कृति मंत्रालय के साथ मिलकर ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान भी चला रहा है, जो राष्ट्रीय गौरव के साथ-साथ प्रधानमंत्री के प्रत्येक ग्रामीण घर तक वॉश (पानी, स्वच्छता और स्वच्छता) के विज़न को आगे बढ़ा रहा है । मुस्कान सिंह

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