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पितृपक्ष पर गंगा की सफाई कर दी गई पूर्वजों को श्रद्धांजलि 

स्वच्छता का संदेश देकर पितरों को किया नमन

पूर्वजों के प्रति सम्मान, प्रेम और श्रद्धा के प्रतीक पितृपक्ष के अवसर पर नमामि गंगे व नगर निगम ने सोमवार को सिंधिया घाट पर स्वच्छता करके पितरों को नमन किया। पितरों को मोक्ष दिलाने में सहायक, जीवन के साथ भी और जीवन के बाद भी साथ निभाने वाली गंगा की निर्मलता और अविरलता का आवाह्न किया गया। श्राद्ध और तर्पण कर रहे नागरिकों द्वारा गंगा तट पर छोड़ी गई सामग्रियों को समेट कर कूड़ेदान तक पहुंचाकर पितृपक्ष पर गंगा घाटों की स्वच्छता बनाए रखने का संदेश भी दिया। इस दौरान लाउडस्पीकर से गंगा स्वच्छता बनाए रखने की अपील लोगों से की गई ।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि पूर्वजों को सामाजिक सरोकारों से जोड़कर उनको श्रद्धासुमन अर्पित कर सकते है। पूर्वजों के नाम पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के साथ अपने पूर्वजों की स्मृति को चिरस्थाई बना सकते हैं। पर्यावरण हमारी भावी पीढ़ी के लिए भी अनुपम उपहार होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में गरीब और बेसहारा लोगों की मदद कर, कुपोषित और जरूरतमंद बच्चों को भोजन कराकर हम समाज में सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं। सही मायनों में यह अपने पितरों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा हमारे जीवन काल और मृत्यु उपरांत भी हमारा साथ निभाती हैं। अपने नश्वर शरीर की अस्थियों के भस्मावशेष तक को गंगा में समर्पित करने की मधुर लालसा इस विराट दर्शन वाले देश की आत्मा में रची बसी है। गंगा शब्द ही भारतीय संस्कृति का पर्याय है। हमारे पितरों को मोक्ष प्रदान करने वाली गंगा के संरक्षण का संकल्प पितृपक्ष का आह्नान होना चाहिए। आयोजन के दौरान प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला, पं० विकास दीक्षित, जितेंद्र अग्रवाल, नगर निगम सुपरवाइजर विशाल, मनोज अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, श्यामबाबू साहनी, सोनी साहनी ,अंजू देवी , लक्ष्मिना साहनी उपस्थित रहे।

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