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भारत की राष्ट्रपति ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में शिरकत की


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है, यह लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतीक है।”

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने आज (25 जनवरी, 2026) नई दिल्ली में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में शिरकत की और कार्यक्रम को संबोधित किया।

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समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे लोकतंत्र की ताकत महज़ मतदाताओं की विशाल संख्या में ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भावना की गहराई में भी निहित है। इस प्रक्रिया में यहां तक कि सबसे बुजुर्ग मतदाता, दिव्यांग मतदाता और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। उन्होंने जागरूक मतदाताओं और चुनाव आयोग के नेतृत्व में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों की सराहना की, जिन्होंने मताधिकार का प्रयोग करने के इतने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं।

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राष्ट्रपति ने कहा कि जनभागीदारी जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की भावना को व्यावहारिक रूप देती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने यह सुनिश्चित करने के मकसद से कई प्रयास किए हैं कि इस अधिकार को प्रयोग करने से “कोई भी मतदाता पीछे न छूटे”। मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। चुनाव आयोग द्वारा इस वर्ष चुना गया विषय, “मेरा भारत, मेरा वोट: भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक”, हमारे लोकतंत्र की भावना को दर्शाता है और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान के अधिकार के महत्व को रेखांकित करता है।

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राष्ट्रपति ने कहा कि मतदान केवल एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है। यह चुनावों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों के विश्वास का प्रतिबिंब है। यह नागरिकों के लिए अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने का एक माध्यम भी है। बिना किसी भेदभाव के सभी वयस्क नागरिकों को मिला मतदान का अधिकार, राजनीतिक और सामाजिक न्याय और समानता के हमारे संवैधानिक आदर्शों को मूर्त रूप देता है। हमारे संविधान में निहित “एक व्यक्ति, एक वोट” प्रणाली हमारे संविधान निर्माताओं के आम जनता की बुद्धिमत्ता में दृढ़ विश्वास का परिणाम थी। हमारे देश के मतदाताओं ने उनके विश्वास को सही साबित किया है और भारतीय लोकतंत्र ने विश्व मंच पर एक असाधारण उदाहरण के रूप में सम्मान अर्जित किया है।

राष्ट्रपति ने कहा कि मतदान का अधिकार अहम है, लेकिन यह भी उतना ही ज़रुरी है कि सभी वयस्क नागरिक अपने संवैधानिक कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी मतदाता, प्रलोभन, अज्ञानता, गलत सूचना, दुष्प्रचार और पूर्वाग्रह से मुक्त होकर, अपनी अंतरात्मा की शक्ति से हमारी चुनावी प्रणाली को मजबूत करेंगे।

राष्ट्रपति ने देश भर के उन सभी युवा मतदाताओं को बधाई दी, जिन्हें उनके मतदाता पहचान पत्र मिल चुके हैं और कहा कि यह कार्ड उन्हें दुनिया के सबसे बड़े और सबसे जीवंत लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने का अमूल्य अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज के मतदाता भारत के भविष्य के निर्माता हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि देश के सभी युवा मतदाता जिम्मेदारी से अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करेंगे और राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।

वर्ष 2011 से, भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। इस आयोजन का मकसद मतदाता की अहमियत पर फोकस करना, नागरिकों में चुनावों को लेकर जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रेरित करना है।

राष्ट्रपति का भाषण देखने के लिए यहां क्लिक करें

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