पिकनिक शब्द सुनते ही बच्चों और युवाओं में एक अलग उल्लास और उमंग की बहार आ जाती है। हर कोई उल्लसित रहता है कि हम भी पिकनिक मनाएंगे, जंगल, पहाड़, नदी झरनों के बीच हरियाली में खुली सांस लेंगे और उमंग के साथ पिकनिक का आनंद लेगें। पिकनिक एक ऐसा आयोजन है जहां लोग अपने परिवार, मित्रों या सहकर्मियों के साथ बाहर जाकर भोजन और मनोरंजन एवं हरियाली प्रकृति का आनंद लेते हैं।
यह आमतौर पर प्राकृतिक स्थलों जैसे कि पार्क, झील, पहाड़ या समुद्र तट पर आयोजित किया जाता है। पिकनिक के दौरान, लोग अपने साथ भोजन, पेय, और मनोरंजन के साधन ले जाते हैं, जैसे कि खेल, संगीत, या पुस्तकें। यह एक ऐसा अवसर है जहां लोग अपने दैनिक जीवन से दूर होकर आराम कर सकते हैं और अपने प्रियजनों के साथ समय बिता सकते हैं।पिकनिक पहाड़ी स्थल पर आयोजित की जाती है, जिससे लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें।

“पिकानक” शब्द का उत्पत्ति फ्रेंच शब्द पाईकनाईक से हुई है, जिसका प्रयोग पहली बार 17 वीं शताब्दी में हुआ था। धीरे-धीरे यही शब्द पिकनिक के रूप में प्रचलित हो गया, यह शब्द ऐसे सामाजिक भोजन को दर्शाता था जहाँ हर व्यक्ति अपने हिस्से का भोजन लाता था। यूरोप में सर्वप्रथम प्रचलन 18वीं और 19वीं शताब्दी में पिकनिक यूरोप, विशेषकर इंग्लैंड और फ्रांस में सामाजिक जीवन का हिस्सा बन गया। वहाँ यह उच्च वर्ग और मध्यवर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय था। औद्योगिक क्रांति के बाद जैसे-जैसे नगरों का विकास हुआ और लोग ग्रामीण जीवन से दूर हुए, पिकनिक एक ऐसा साधन बना जिससे लोग प्रकृति के निकट जा सके। वहीं भारत में पिकनिक की परंपरा ब्रिटिश काल के दौरान आई और धीरे-धीरे भारतीय संस्कृति में भी समाहित हो गई। आज यह स्कूलों, परिवारों और ऑफिस समूहों के बीच एक आम सामाजिक गतिविधि बन गई है।
बिलासपुर के आसपास कुछ प्रमुख पिकनिक स्पॉट्स की जानकारी देते चलें जैसे :1.भैंसाझार बांध -कोटा तहसील के भैंसाझार गांव में स्थित यह बांध अरपा नदी पर बना है। यह स्थान पिकनिक के लिए आदर्श है, जहाँ आप प्रकृति के बीच समय बिता सकते हैं। बांध के आसपास गार्डन और वॉकवे जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।2. खुटाघाट-रतनपुर से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित यह डेम खरून नदी पर बना है। यहाँ आप नौका विहार, ट्रैकिंग और प्रकृति की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं। यह स्थान पिकनिक के लिए एक बेहतरीन स्थल है।3. कानन पेंडारी चिड़ियाघर –

