अलीगढ़ : महापौर प्रशांत सिंघल व नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के प्रयासों से अब नगरीय क्षेत्र की सभी स्ट्रीट लाइट का ऑटोमेशन हो गया है साथ ही सभी स्ट्रीट लाइट की कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से 24×7 निगरानी होना शुरू हो गयी है।
शहर की सड़कों को रोशन व सुरक्षित बनाने की दिशा में लगभग 37 करोड़ की लागत से नगर निगम अपने ज़ोन-01, 02, 03 एवं 04 की 64000 LED स्ट्रीट लाइटों के स्वचालन, संचालन एवं रख-रखाव (ऑटोमेशन) साथ कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर स्थिति I.C.C.C. मोनिटरिंग व्यवस्था का गुरुवार सांय महापौर प्रशान्त सिंघल व नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने पार्षदो/अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में उद्घाटन किया।
उद्घाटन करते हुए नगर आयुक्त ने कार्यदाई एजेंसी को दो टूक शब्दों में नसीहत देते हुए कहा प्रतिदिन शहर की सभी ख़राब लाइट की सूची के आधार पर अगले 6 से 8 घंटे में अनिवार्य स्ट्रीट लाइट को ठीक करना होगा। उन्होंने कहा ख़राब स्ट्रीट लाइट की सूचना शहरवासी कंट्रोल रूम नम्बर 1533 व अलीगढ़ नगर सेवा एप के जरिये नगर निगम को भेज सकते है।

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि
घर बैठे स्ट्रीट लाइट के ख़राब होने की शिकायत को इस एप की मदद से नगर निगम तक पहुंचाया जा सकता है। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से https://play.google.com/store/apps/details?id=com.everythingcivic.aligarh डाउनलोड किया जा सकता है।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया ऑटोमेशन व्यवस्था से शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नगर निगम सीमा क्षेत्र की सभी 46,194 स्ट्रीट लाइटों का ऑटोमेशन एवं समग्र अनुरक्षण कार्य प्रारंभ किया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत 1,432 सीसीएमएस (CCMS) स्थापित कर संपूर्ण स्ट्रीट लाइट नेटवर्क को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जोड़ा गया है जिससे शहर की प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की ऑनलाइन ICCC से निगरानी संभव होगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि परियोजना के तहत लगभग 450 किलोमीटर केबल कॉरिडोर विकसित किया गया है। ऑटोमेशन के माध्यम से स्ट्रीट लाइटें सूर्यास्त के समय स्वतः चालू एवं सूर्योदय पर स्वतः बंद होंगी, जिससे ऊर्जा की बचत होगी तथा मैन्युअल संचालन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। ICCC पोर्टल पर खराब अथवा बंद स्ट्रीट लाइटों की वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध रहेगी और उनकी रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग भी ऑनलाइन की जाएगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत स्ट्रीट लाइटों की 98 प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है तथा प्राप्त शिकायतों का 8 से 12 घंटे के भीतर निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए ICCC कंट्रोल रूम में तकनीकी कर्मी 24×7 तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे, जो ऑनलाइन शिकायतों की निगरानी, स्वतः संज्ञान, टीमों को सूचना प्रेषित करने तथा प्रतिदिन शिकायतों एवं उनके निस्तारण की रिपोर्ट तैयार करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत लगभग 37.37 करोड़ रुपये है जबकि अनुरक्षण पर प्रतिवर्ष लगभग 8 से 9 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
नगर आयुक्त ने बताया कि 98% सर्विस लेवल एग्रीमेंट के आधार पर होगी यानी सभी ज़ोन में संबंधित एजेंसी का प्रयास 100% स्ट्रीट लाइट को प्रकाशवान का रहेगा इसके साथ-साथ 98% से कम स्ट्रीट लाइट जलने पर एजेंसी से नगर निगम द्वारा जुर्माना वसूला जाएगा साथ ही साथ 8 से 12 घंटे में खराब स्ट्रीट लाइट के ठीक नहीं होने पर ₹50 प्रति घंटे की दर से जुर्माना भी रोपित किया जाएगा*
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा अनुसार शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइटों के बेहतर संचालन से नागरिकों को ऊर्जा की बचत, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा का लाभ मिलेगा। नगर निगम का प्रयास है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से नगर निगम सीमा का कोना-कोना जगमगाये।
महापौर प्रशान्त सिंघल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी की प्रेणना से शहर की स्ट्रीट लाइट का ऑटोमेशन एक सराहनीय कदम है यह व्यवस्था शहर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था त्वरित शिकायत निस्तारण, ऊर्जा संरक्षण तथा नागरिकों को सुरक्षित एवं आधुनिक नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
उद्धाटन कार्यक्रम में पार्षद/प्रतिनिधि पार्षद योगेश सिंघल, दीपक चौधरी, विनोद माहौर, योगेंद्र पाल सिंह, रामकिशोर, सद्दाम अशर्फी, आकिल, पूर्व पार्षद गुलफाम, अधिशासी अभियंता अजय कुमार सक्सेना आदि मौजूद थे। @Ahsan Rub. P.R.O