नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत शहर के पात्र गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देशन में योजना के बृहद प्रचार-प्रसार तथा पात्र परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए अभियान को गति प्रदान की गई है। नगर आयुक्त ने नगर निगम के सभी पार्षदों से इस महत्वाकांक्षी योजना को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया है।
मंगलवार को नगर निगम सेवा भवन स्थित सभागार में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें सभी पार्षदों को योजना की पात्रता आवेदन प्रक्रिया सत्यापन एवं लाभार्थियों के चयन की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि नगर निगम के पार्षद जनता और शासन के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि प्रत्येक पार्षद अपने-अपने वार्ड के पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने में सहयोग करें तो कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के आवास के लाभ से वंचित नहीं रहेगा।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के बेनेफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) घटक के अंतर्गत स्वयं की भूमि पर नया पक्का मकान बनाने वाले पात्र लाभार्थियों को ₹2,50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक एवं विधवा महिला लाभार्थियों को ₹20,000 की अतिरिक्त सहायता तथा स्वीकृति के एक वर्ष के भीतर आवास निर्माण पूर्ण करने पर ₹10,000 का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इस प्रकार पात्र लाभार्थी को अधिकतम ₹2,80,000 तक की आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार द्वारा स्वीकृत वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किस्तों के माध्यम से भेजी जाती है। किसी भी प्रकार की धनराशि ठेकेदार अथवा बिचौलियों को नहीं दी जाती।

योजना के प्रमुख लाभ
-स्वयं की भूमि पर नया पक्का मकान निर्माण के लिए वित्तीय सहायता।
-सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में।
निर्माण की प्रगति के अनुसार चरणबद्ध किस्तों का भुगतान।
-पारदर्शी एवं ऑनलाइन प्रक्रिया।
पात्रता की मुख्य शर्तें
नगर आयुक्त ने बताया कि आवेदक ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी का हो तथा वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक हो।आवेदक के पास निर्माण स्थल का वैध स्वामित्व संबंधी दस्तावेज (पट्टा, रजिस्ट्री, खतौनी आदि) उपलब्ध हों तथा भूमि विवादित न हो। परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी अन्य पक्का मकान न हो।
परिवार ने पूर्व में केंद्र अथवा राज्य सरकार की किसी अन्य आवास योजना का लाभ प्राप्त न किया हो।भूखंड अथवा मकान नगर निगम, नगर पालिका अथवा अधिसूचित शहरी क्षेत्र की सीमा के भीतर स्थित हो।
आवश्यक दस्तावेज
परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड
भूमि संबंधी दस्तावेज (रजिस्ट्री, पट्टा, खतौनी आदि)
प्रस्तावित भवन का नक्शा एवं अनुमानित लागत
आय प्रमाण पत्र अथवा स्व-घोषणा पत्र
बैंक पासबुक की प्रति
कच्चे मकान अथवा खाली प्लॉट की फोटो
नगर आयुक्त ने बताया कि पात्र नागरिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) व डूडा कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद अधिकारियों द्वारा स्थल का जियो-टैगिंग एवं भौतिक सत्यापन किया जाएगा। स्वीकृति मिलने के उपरांत निर्माण की विभिन्न अवस्थाओं के अनुसार सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
नगर में योजना की स्थिति
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम को सत्यापन हेतु कुल 14,621 आवेदन प्राप्त हुए हैं इनमें से अब तक 4,677 पात्र तथा 2,823 अपात्र आवेदनों का परीक्षण किया जा चुका है जबकि 7121 आवेदन सत्यापन की प्रक्रिया में हैं।
सर्किलवार लंबित सत्यापन आवेदनों की स्थिति इस प्रकार है—
सर्किल-1 : 453
सर्किल-2 : 153
सर्किल-3 : 829
सर्किल-4 : 1010
सर्किल-5 : 1235
सर्किल-6 : 1059
सर्किल-7 : 193
सर्किल-8 : 1923
कुल 6855 आवेदन विभिन्न फील्ड स्तर पर सत्यापन हेतु लंबित हैं।
नगर आयुक्त डूडा के परियोजना अधिकारी कौशल कुमार को निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित आवेदनों का सत्यापन निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से पक्का एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा सके।
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि योजना पूर्णतः पारदर्शी है किसी भी दलाल अथवा बिचौलिये के झांसे में न आएं तथा किसी को धनराशि न दें। अधिक जानकारी के लिए नगर निगम कार्यालय अथवा परियोजना अधिकारी डूडा से संपर्क करें।
कार्यशाला में सभी पार्षद व अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।