प्रीति की धरती, ममता का
आकाश है रक्षाबंधन।
भाई बहन के प्रेम से मिश्रित
हास है रक्षाबंधन।
रक्षाबंधन नहीं है केवल
राखी का त्योहार।
कच्चे धागों में ही नहीं,
बंध जाने का व्यवहार।
भाई बहन के रिश्ते का
इतिहास है रक्षाबंधन।
प्रीति की धरती…
रंग बिरंगे, अक्षत, रोली,
मिश्रित इन धागों के अंदर।
भाई के अदम्य पौरुष का,
लहराता है अथाह समंदर।
बहनों की आशाओं की
मधुर आस है रक्षाबंधन।
प्रीति की धरती…
अपनी निष्ठा, भाई की,
मर्यादा को करके साक्षी।
प्रिय भाई के हाथों पर,
बहन बांधती है राखी।
यह अनुबंध निभाने का
विश्वास है रक्षाबंधन।
प्रीति की धरती…
यह त्योहार है भाई बहन के
रिश्ते की अनमोल धरोहर।
ये पावन धागों का रिश्ता
अतुलनीय है अति ही मनोहर।
मंगल भावों से सिंचित
निश्छल उजास है रक्षाबंधन
प्रीति की धरती… !!!
