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सृष्टि संतुलन के लिये वनों की पुकार सुननी होगी

21 मार्च को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस केवल एक प्रतीकात्मक उत्सव नहीं, बल्कि…

“जल ही जीवन, जल ही कल : सतत भविष्य का संकल्प”

पेयजल पृथ्वी पर कितनी अहम चीज है यह निम्न सर्वे से पता चल सकता है की…

कविता: मानवता की शाश्वत आवाज

प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को समूचा विश्व विश्व कविता दिवस मनाता है। यह केवल एक तिथि…

गौरैया का कलरव एवं ऊर्जा का खत्म होना बड़ी चुनौती

एक समय था जब सुबह की शुरुआत घर-आंगन में चहकती गौरैया की मधुर ध्वनि से होती…

मानव अब भी चेत जा; तूने प्रकृति को अभी भी जाना नहीं..?

भारतवर्ष में वनसंपदा का बहुत महत्व है। मान्यता है कि सघन वनों की छाया में ही…

गौरैयारानी जो कभी घर आंगनों की शोभा होती थी

विश्व गौरैया दिवस प्रतिवर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। गौरैया चिकने, गोल सिर और गोलाकार…

प्रसन्नता (खुशी) का वैश्विक संकल्प और भारतीय संदर्भ

मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य क्या है-धन, वैभव, पद या प्रतिष्ठा। इन सबके पार जाकर यदि…

दूषित जलः विकास के दावों पर एक गंभीर प्रश्न

अक्सर कहा जाता है कि जल ही जीवन है। किंतु यदि यही जल दूषित हो जाए…

महामारी और युद्ध के साए के बाद: फिर पटरी पर लौटेगी दुनिया

दुनिया ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कठिन दौर देखे हैं, जिनकी कल्पना आधुनिक समय में…

राजनीतिक जंग के आगाज में लोकतांत्रिक मूल्य फिर दांव पर

भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि वे…

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