NEW English Version

विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026: सीमावर्ती गांवों के विकास में युवाओं की भागीदारी का राष्ट्रीय अभियान

भारत सरकार ने सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीवीपी) 2026 के लिए राष्ट्रीय क्विज का शुभारंभ किया है। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के सहयोग से ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल के माध्यम से इस राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी की शुरुआत की है। यह पहल जून 2026 में आयोजित होने वाले सीमावर्ती गांव सहभागिता कार्यक्रम के लिए युवाओं के चयन का पहला चरण मानी जा रही है।

यह कार्यक्रम केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर राष्ट्रीय चेतना और युवाओं की जिम्मेदारी को सशक्त करने का व्यापक प्रयास है। विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 का उद्देश्य देश के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेष रूप से लेह-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के गांवों में सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक गतिविधियों को नई गति देना है। इसके माध्यम से सरकार सीमावर्ती समुदायों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूत रूप से जोड़ना चाहती है।

10 मई से 20 मई 2026 तक आयोजित होने वाली इस ऑनलाइन क्विज में देशभर के युवा भाग ले सकते हैं। प्रश्नोत्तरी का उद्देश्य प्रतिभागियों को सीमावर्ती गांवों की वास्तविक परिस्थितियों, वहां की सांस्कृतिक विविधता, पर्यावरणीय चुनौतियों, स्थानीय शासन व्यवस्था और सरकारी विकास योजनाओं के प्रति जागरूक बनाना है। साथ ही यह पहल युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करती है।

क्विज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का आगे पात्रता और शारीरिक फिटनेस के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 500 ‘मेरा युवा भारत’ स्वयंसेवकों का चयन किया जाएगा। चयनित युवा जून 2026 में आयोजित एक सप्ताह के विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम में भाग लेंगे।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों को सीमावर्ती गांवों में जमीनी स्तर पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। वे स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों, युवा संवाद कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, करियर परामर्श सत्रों तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे अनेक कार्यक्रमों का हिस्सा बनेंगे। इसके माध्यम से युवाओं को सीमावर्ती भारत की वास्तविक परिस्थितियों को समझने और वहां के लोगों के साथ जुड़कर कार्य करने का अनुभव प्राप्त होगा।

सरकार की यह पहल विकसित भारत @2047 के विजन को साकार करने की दिशा में युवाओं को सहभागी शक्ति के रूप में स्थापित करने का प्रयास है। सीमावर्ती गांव केवल भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे देश की सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और सामाजिक एकता के भी प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में युवाओं की भागीदारी इन क्षेत्रों के विकास को नई ऊर्जा प्रदान कर सकती है।

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »