NEW English Version

सच्चे नायकों की तलाश फिर शुरू, ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ का तीसरा अध्याय होगा और भी बड़ा

समाज को बदलने वाले लोग हमेशा मंचों की रोशनी में ही नहीं मिलते। कई चेहरे ऐसे होते हैं, जो भीड़ का हिस्सा बनकर नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी बदलकर अपनी पहचान बनाते हैं। वे अखबारों की सुर्खियों में भले कम दिखाई दें, लेकिन उनके छोटे-छोटे प्रयास किसी के भविष्य में उजाला भर देते हैं। कोई किसी बच्चे की पढ़ाई का सहारा बनता है, कोई भूखे व्यक्ति तक भोजन पहुँचाने का माध्यम, तो कोई पर्यावरण को बचाने के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे ही अनसुने और अनदेखे नायकों को पहचान देने वाली पहल ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ अब अपने तीसरे संस्करण के साथ एक बार फिर समाज में सकारात्मक बदलाव की नई गूँज के साथ लौट रही है।

सतत विकास के लक्ष्यों को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में कार्यरत संस्था ‘2030_काभारत’ द्वारा शुरू की गई इस पहल के पहले संस्करण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और भोजन की बर्बादी को रोकने तथा जरूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले 8 लोगों को सम्मानित किया गया था। इसके बाद दूसरे संस्करण में शिक्षा, भूखमुक्त समाज और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम कर रहे 15 बदलावकर्ताओं को सम्मानित किया गया। अब तीसरे संस्करण में यह कारवाँ और भी विशाल होने जा रहा है। इस बार देशभर से 21 ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने उपरोक्त तीनों क्षेत्रों में से किसी एक विशेष में असाधारण कार्य किए हैं। सबसे खास बात यह है कि अब तक 7 राज्यों तक सीमित रही यह पहल अब सम्पूर्ण भारत में अपने कदम बढ़ा रही है। यानि अब देश के किसी भी कोने में बैठा वह इंसान, जो शांत भाव से समाज में रंग भर रहा है, उसकी कहानी भी पूरे देश तक पहुँच सकेगी।

‘2030 का_भारत’ के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, “देश सिर्फ नीतियों से नहीं बदलता, बल्कि उन लोगों से बदलता है, जो दूसरों के लिए जीना जानते हैं। ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स’ ऐसे ही सच्चे वाहकों को सामने लाने का एक प्रयास है। हमारा विश्वास है कि जब समाज अपने असली नायकों को पहचानने लगेगा, तब बदलाव सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संस्कृति बन जाएगा।”

संस्था का मानना है कि सतत विकास के लक्ष्य वर्ष 2030 तक तब ही हासिल किए जा सकेंगे, जब हर सरकार के साथ ही साथ देश की जनता भी इन्हें हासिल करने का प्रण ले और अपनी तरफ से यथासंभव योगदान दे। यही वजह है कि यह सम्मान उन लोगों को दिया जा रहा है, जो समाज के लिए सोचते हैं, जिम्मेदारी निभाते हैं और बदलाव की पहल करते हैं। कुल मिलाकर, ‘गोल्डन इम्पैक्ट अचीवर अवॉर्ड्स- 2026’ एक बार फिर यह साबित करने आ रहा है कि असली नायक वही होते हैं, जिनकी आवाज़ कम, लेकिन असर सबसे ज्यादा होता है।

Book Showcase

Best Selling Books

Ikigai: The Japanese secret to a long and happy life

By Héctor García, Francesc Miralles

₹318

Book 2 Cover

Why I am an Atheist and Other Works

By Bhagat Singh

₹104

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

Until Love Sets Us Apart

By Aditya Nighhot

₹176

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »