माननीय मुख्यमंत्री जी की विकास कार्यों में जीरो टॉलरेंस नीति के अनुपालन में नगर आयुक्त द्वारा…
Category: पुस्तक समीक्षा
‘कैकेयी के राम’ : रामकथा का एक नया वैचारिक अन्वेषण
रहीस सिंह उन लेखकों में हैं, जिनकी लेखकीय यात्रा को केवल पुस्तकों की संख्या या प्रकाशित…
‘रेनबो टापू की पिकनिक’ : मनोरंजन के साथ संस्कार और जीवन-मूल्यों की पाठशाला
बाल साहित्य का उद्देश्य केवल बच्चों का मनोरंजन करना नहीं होता, बल्कि उनके भीतर संवेदना, जिज्ञासा,…
योग द्वारा हृदय रोग से मुक्ति
मेडिकल सांइस की दुनिया में डॉ. बिमल छाजेड़, एम.बी.बी.एस., एम. डी. एक जाने-पहचाने व्यक्ति हैं। ये…
‘काठ का घोड़ा’ : बालमन की सहज उड़ान और कल्पना का सजीव संसार
डॉ. रामेश्वर प्रसाद सारस्वत का बाल कविता संग्रह ‘काठ का घोड़ा’ बालसाहित्य की दृष्टि से एक…
शरीर से मित्रता का बालसुलभ पाठ : संजीव जायसवाल ‘संजय’ की चित्रकथा ‘प्यारे-प्यारे दोस्त’
संजीव जायसवाल ‘संजय’ हिंदी बालसाहित्य के बहुमुखी, सक्रिय और सशक्त रचनाकार हैं। कहानी, उपन्यास, नाटक और…
‘शांतिदूत गुटर गूँ’ : शांति, प्रेम और सह-अस्तित्व का बाल-संसार
डॉ. विमला भंडारी की पिक्चर बुक ‘शांतिदूत गुटर गूँ’ बालसाहित्य की उस परंपरा में उल्लेखनीय कृति…
समय की विसंगतियों का साक्ष्य : अँगूठा दिखाते समीकरण (क्षणिका-संग्रह)
समकालीन हिंदी व्यंग्य साहित्य में चक्रधर शुक्ल उन रचनाकारों में हैं, जिन्होंने समाज की विसंगतियों को…
‘अब बाज़ार से है ज़िंदगी’: बाज़ार की चकाचौंध में मनुष्य और रिश्तों की तलाश
‘पहले ज़िंदगी से बाज़ार था, अब बाज़ार से ज़िंदगी है।’ दयानंद पांडेय की पुस्तक ‘अब बाज़ार…
संवेदना, संस्कार और जीवन-मूल्यों का सशक्त बालकथा-संसार : नीलम राकेश का ‘फूलों की चोरी’
समकालीन हिंदी बालसाहित्य में ऐसी रचनाओं की आवश्यकता निरंतर बनी हुई है, जो बच्चों का केवल…