जीवन में दुःख क्यों है? क्या दुःख से मुक्ति संभव है? क्या विवेक, ध्यान और आत्मचिंतन…
Category: पुस्तक समीक्षा
काशी की संस्कृति, विरासत और लोकजीवन का जीवंत दस्तावेज़ : गलियों का शहर बनारस
भारतीय सभ्यता और संस्कृति के इतिहास में काशी या बनारस का स्थान अद्वितीय है। यह केवल…
बौद्ध चिंतन, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों का प्रामाणिक दस्तावेज
भारतीय बौद्धिक परंपरा में बौद्ध धम्म केवल एक धार्मिक विचारधारा नहीं, बल्कि मानवता, करुणा, तर्कशीलता और…
‘योग ही क्यों’ : आधुनिक जीवन की चुनौतियों का प्रामाणिक समाधान प्रस्तुत करती एक सारगर्भित कृति
आज का मानव अभूतपूर्व तकनीकी विकास, भौतिक सुविधाओं और तेज़ रफ्तार जीवनशैली के बीच जी रहा…
इन्दु का भाग्य: सामाजिक यथार्थ, संवेदना और परिवर्तन की मार्मिक उपन्यास
कुमकुम सिंह द्वारा रचित उपन्यास इन्दु का भाग्य समकालीन भारतीय समाज की उन जटिल परतों को…
धर्म, द्वंद्व और दैवी चेतना का महाकाव्यात्मक विस्तार : ‘श्रीकृष्ण-अर्जुन युद्ध’
‘श्रीकृष्ण-अर्जुन युद्ध’ समकालीन हिंदी खंडकाव्य परंपरा में एक उल्लेखनीय और सार्थक हस्तक्षेप के रूप में सामने…
हिंदी साहित्य और समाज को समृद्ध करता अणुव्रत का आंदोलन
‘अणुव्रत’ पत्रिका का अक्टूबर–नवंबर, 2025 का अंक ‘तुलसी सिंहनाद विशेषांक के रूप में प्रकाशित किया गया…
अनुपम जीवन संस्मरण है बोलती परछाइयाँ-डॉ राघवेंद्र दुबे
पावन छत्तीसगढ़ महतारी के आँचल में बसे वीरांगना बिलासा की नगरी बिलासपुर की माटी की ऐसी…
बालमन की कल्पनाओं में गूँजती सीख और संवाद की सजीव ध्वनि
डॉ. विमला भंडारी द्वारा रचित बाल उपन्यास ‘कहानी वाला शंख’ समकालीन हिंदी बालसाहित्य की उन महत्वपूर्ण…
मज़हब, मानवता और वैचारिक संघर्ष का विमर्श: ‘मज़हब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना’
भारतीय समाज में धर्म, मज़हब और मानवता के संबंधों को लेकर सदियों से विचार-विमर्श चलता रहा…