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हिंद-प्रशांत में भारत का बढ़ता सामर्थ्य एवं साझेदारियां

भारत आज केवल विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति ही नहीं, बल्कि एक उभरती हुई वैश्विक…

डिजिटल क्रांति के दौर में बढ़ते साइबर अपराध, बड़ी चुनौती

डिजिटल क्रांति ने भारत को अभूतपूर्व गति, सुविधा और पारदर्शिता प्रदान की है। आज मोबाइल बैंकिंग,…

मिलावट  है भारत के सपनों पर विषनुमा दाग

भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। वर्ष 2047…

नए भारत के शिल्पकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

भारत का इतिहास केवल उन व्यक्तियों को याद नहीं रखता जिन्होंने सत्ता संभाली, बल्कि उन महापुरुषों…

चॉकलेट : स्वाद, संस्कृति और खुशियों का मधुर संसार

दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे चॉकलेट पसंद न हो। बच्चों से लेकर…

क्षमा : सबसे बड़ी शक्ति, सबसे श्रेष्ठ विजय

"क्षमा वीरस्य भूषणम्।" अर्थात् क्षमा वीरों का आभूषण है। यह केवल एक संस्कृत सूक्ति नहीं, बल्कि…

विकास की धंसती सड़कें और भ्रष्टाचार की गहरी नींवें

जिस दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को आधुनिक भारत के तेज, सुरक्षित और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के प्रतीक…

मजबूत लोकतंत्र के लिये दागी नेताओं से मुक्ति जरूरी

भारतीय लोकतंत्र ने स्वतंत्रता के बाद अनेक उपलब्धियां अर्जित की हैं। आज भारत विश्व की सबसे…

कृषि के सच्चे प्रहरी: साँप, उल्लू, चमगादड़ और अन्य जीवों का संरक्षण समय की आवश्यकता

आज जब कृषि निरंतर रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भर होती जा रही है, तब प्रकृति…

साहित्य, समाज सेवा और पर्यावरण चेतना को समर्पित वरिष्ठ पत्रकार,साहित्यकार सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” से विजय दुसेजा संपादक”हमर संगवारी” की विशेष बातचीत

मेरे लिए लेखन केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन है।…

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