भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि व्यवस्था, अनुशासन, सुधार…
Category: फीचर/आर्टिकल
समुद्री विरासत, व्यापार और राष्ट्र निर्माण की धुरी
भारत एक प्राचीन समुद्री परंपरा वाला देश रहा है। सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आधुनिक युग…
पश्चिम बंगाल बढ़ती अराजकताः लोकतंत्र के लिए चुनौती
पश्चिम बंगाल, जो कभी सांस्कृतिक चेतना, बौद्धिकता और राजनीतिक परिपक्वता का प्रतीक माना जाता था, आज…
युद्ध के बाद भी जिंदा रहती त्रासदी: शांति की पुकार
यह दिवस भूमि में बिछाई गई बारूदी सुरंगों के खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके…
यीशु मसीह क्षमा की शक्ति के अद्भुत मिसाल
प्रतिवर्ष ईस्टर संडे से पहले वाले शुक्रवार के दिन गुड फ्राइडे मनाने का प्रचलन है। आपको…
विवाह संस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच नई खाई
आधुनिकता के संक्रमणकालीन दौर में सबसे अधिक यदि कोई संस्था प्रश्नों के घेरे में है, तो…
बुजुर्गों के भरण-पोषण के लिये एक सराहनीय पहल
भारतीय संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है-“मातृदेवो भव, पितृदेवो भव” केवल शास्त्रों की पंक्ति…
अपने भीतर के हनुमान को जगाने का पर्व
हनुमान जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मानव जीवन के चरित्र-निर्माण, आत्मबल, संयम, सेवा और…
बजरंगबली का प्रकटीकरण : अद्भुत शक्ति, अनंत भक्ति और लोकजीवन की अमर चेतना
भारतीय सनातन परंपरा में यदि किसी देवता को बल, बुद्धि, भक्ति और निर्भयता का अद्वितीय संगम…
हँसी की संस्कृति और संवेदनशीलता का संतुलन
आधुनिक जीवन की आपाधापी में जब मनुष्य निरंतर तनाव, प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव से जूझ रहा…