भाषा लोक जीवन में परस्पर कार्य-व्यवहार का साधन, अभिव्यक्ति का हेतु है। भाषा लिखित साहित्य और…
Category: पुस्तक समीक्षा
यत्र तत्र सर्वत्र मेरे आराध्य राम
राम केवल भारत में ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में पूजनीय हैं। सातों महाद्वीप में वाल्मीकि…
बच्चे की भाषा और अध्यापक : शिक्षकों के लिए जरूरी किताब
1985 में यूनिसेफ के सहयोग से प्रकाशित कृष्ण कुमार की पुस्तक 'बच्चे की भाषा और अध्यापक…
समाज के प्रति और विश्व संस्कृति के प्रति अक्सर लिखना मै अपने आप को सौभाग्यशाली समझती हूं – प्रो. पुष्पिता अवस्थी
अधिकांश संस्मरण सच्चे जीवन की महागाथाओं के संक्षिप्त अंश भर हैं। ‘शब्द’ अदभुत रूप से संवेदनशील होते हैं…
इन कहानियों में किस्सागोई है तो इक्कीसवीं सदी की एक नई दुनिया भी! प्रकाश मनु
कहानियाँ बच्चों की पहली दोस्त हैं, जो उन्हें खूब आनंदित करती हैं। वे कहानियाँ पढ़ते हैं…
किसी दोस्त जैसी हैं बच्चों की ये प्यारी, सदाबहार कहानियाँ
कहानियाँ सही मायने में बच्चों की दोस्त हैं, जो उन्हें खूब आनंदित करती हैं। वे कहानियाँ…
बच्चों और बचपन को पूरी निश्छलता के साथ प्यार किए बिना आप बच्चों के लिए कुछ भी लिए नहीं सकते: प्रकाश मनु
बाल साहित्य का पर्याय कहे जाने वाले प्रकाश मनु जी की बच्चों के लिए विभिन्न विधाओं…
जीने के लिये: जीने की सार्थक जमीन आप ढूढ़ लेंगे
र युग में लेखक समाज को आइना दिखाने का कार्य करता है ऐसे ही लेखक थे…
तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे—– भारतरत्न लता मंगेशकर
गीत-संगीत की स्कर लहरियां मानव-मन ही हृतंत्री का झंकृत कर उसके समाजिक जीवन को सार्थक बनाती…