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आत्मनिर्भर भारत की सशक्त आधारशिला “लघु उद्योग”

"बड़े उद्योग अर्थव्यवस्था को गति देते हैं, लेकिन लघु उद्योग समाज को रोजगार, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता…

खेलों की उड़ान, विकसित भारत की पहचान

राष्ट्रीय खेल दिवस केवल एक महान खिलाड़ी की स्मृति को नमन करने का अवसर नहीं, बल्कि…

खेल : स्वस्थ शरीर, सशक्त राष्ट्र और अनुशासित समाज की पहचान

"जीत केवल पदक की नहीं होती, जीत उस अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास की होती है जो…

वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं या हमारी संवेदनाएं घट रही हैं ?

कभी भारत में घर की सबसे सुरक्षित जगह माता-पिता की गोद हुआ करती थी। वृद्ध माता-पिता…

राखी कोरा रक्षा कवच नहीं, नारी-सम्मान का संकल्प बने

रक्षाबंधन केवल कलाई पर बंधा हुआ एक धागा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस विराट चेतना…

“संस्कृत”  हमारी सांस्कृतिक चेतना और ज्ञान परंपरा की अमर भाषा

भारत की पहचान केवल उसकी प्राचीन सभ्यता, विविध संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से ही नहीं, बल्कि…

रक्षाबंधन: स्नेह, विश्वास और भाई बहन के अटूट रिश्ते का पर्व

भारतवर्ष को प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं के लिए जाना…

विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल

भारत आज वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। एक…

अंतरिक्ष में भारत की निजी शक्ति एवं वैज्ञानिक सामर्थ्य की उड़ान

भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब केवल सरकारी संस्थानों और वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रह गई…

चंद्रयान से गगनयान तक : भारत की अंतरिक्ष यात्रा और नए युग का उदय

आकाश सीमा नहीं, बल्कि संभावनाओं की शुरुआत है।" यह कथन आज के भारत पर अक्षरशः लागू…

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