विद्यालयों को आनंदघर बनाने के लिए शैक्षिक संवाद मंच स्थापना काल 2012 से ही से काम…
Tag: प्रमोद दीक्षित मलय
शरद पूर्णिमा : चांदनी रात, आस्था और प्रकृति के अद्भुत सामंजस्य का पर्व
भारतीय संस्कृति में पूर्णिमा का अपना विशिष्ट महत्व है, लेकिन आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की…
अब जाग सखी: प्रमोद दीक्षित मलय
प्रकृति, मानवीय संवेदनाओं, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक प्रदूषण पर आधारित यह हिंदी कविता जीवन में प्रेम,…
खुशी बांटते सुरभित उपवन
मन में जब उजियारा भरता। सघन तमस भी हारा करता। नेहिल निर्झर बहते झर-झर, कष्ट कलुष…
जागें जीवन गढ़ने वाले
कंटक पथ पर बढ़ने वाले। अंधकार से लड़ने वाले। द्वार खड़ा है प्रमुदित सूरज, जागें जीवन…
सतत चलें हम
नदी सिखाती सतत चलें हम, निर्झर-सा हो निर्मल जीवन। सुमन सुगंध सदा बिखराते, करें सुवासित उपवन…
पृथ्वी के सुरक्षा कवच ओजोन का संरक्षण आवश्यक
वह वर्ष 1985 का एक सामान्य दिन था। मैं कक्षा नौवीं का विद्यार्थी था। सुबह दैनंदिन…
राष्ट्रभाषा के पथ पर बढ़ती हिंदी
लेख का आरंभ महात्मा गांधी के कथन से करता हूं, "राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है।"…
शैक्षिक संवाद मंच द्वारा आत्मकथा लेखन प्रशिक्षण सम्पन्न
शैक्षिक संवाद मंच द्वारा आत्मकथा विधा केंद्रित साझा संग्रह 'मेरा बचपन मेरी बातें' प्रकाशित किया जाना…
लड़ते रहे अभावों से
संघर्ष, स्वाभिमान और साधना पर आधारित प्रेरक कविता, जो अभावों से जूझकर सफलता, उजाला और आत्मबल…