"सर्वे सन्तु निरामयाः"- यह केवल एक वैदिक प्रार्थना नहीं, बल्कि भारतीय चिकित्सा दर्शन का मूल मंत्र…
Tag: सुरेश सिंह बैस "शाश्वत"
समाजसेवा, पत्रकारिता और साहित्य में उल्लेखनीय योगदान पर सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ को राष्ट्रीय सम्मान
रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिभा महासम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह 2026 में बिलासपुर के वरिष्ठ पत्रकार,…
आज़ादी के 79 वर्ष – उपलब्धियों का स्वर्णिम सफर और चुनौतियों का नया क्षितिज
15 अगस्त 1947 भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम प्रभात था, जब सदियों की गुलामी की अंधेरी…
अंगदान : मृत्यु के बाद भी जीवन का महादान
विश्वभर में प्रतिवर्ष 13 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य…
आज के युवा को केवल अधिकार नहीं अपने दायित्वों का भी बोध रखना होगा
किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूँजी उसकी युवा शक्ति होती है। युवा केवल वर्तमान का…
युवा शक्ति : विकसित भारत का संकल्प और विश्व मानवता की आशा
विश्व में प्रतिवर्ष 12 अगस्त को विश्व युवा दिवस मनाया जाता है। इस दिवस की घोषणा…
नारियल फेंक के अपराजेय खिलाड़ी : लोकपर्व हरेली के अद्वितीय लोकनायक स्व ठाकुर अमर सिंह बैस
लोकजीवन में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो किसी सरकारी सम्मान, पद अथवा पुरस्कार से नहीं,…
जंगल का राजा ही नहीं, प्रकृति के संतुलन का प्रहरी भी है सिंह
विश्व में प्रतिवर्ष 10 अगस्त को विश्व सिंह दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य…
“आदिवासी समाज : प्रकृति, संस्कृति और मानव सभ्यता के अनमोल प्रहरी”
प्रतिवर्ष विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य विश्वभर के आदिवासी समुदायों की…
“करो या मरो” का अमर मंत्र : भारत छोड़ो आंदोलन की ऐतिहासिक गाथा
9 अगस्त भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का वह स्वर्णिम दिवस है, जिसने गुलामी की बेड़ियों…